प्रियंका को उत्तराधिकारी बनाना चाहती थीं इंदिरा


नई दिल्ली (स्टिंग आप्रेशन ब्यूरो)-पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निकट सहयोगी रहे माखन लाल फोतेदार ने कहा है कि इंदिरा गांधी ने ने प्रियंका में राजनीतिक कौशल के गुण देखे थे। यह बात जब सोनिया गांधी को बताई गई तो वे नाराज हो गईं थीं।
पूर्व प्रधानमंत्री के अंतिम दिनों के प्रभावशाली क्षणों को उनके पूर्व सहयोगी फोतेदार ने किताब की शक्ल में अंजाम दिया है।
उन्होंने यह भी लिखा है कि इंदिरा को अपनी मृत्यु का पूर्वाभ्यास हो गया था। अपनी हत्या के कुछ पहले उन्होंने फोतेदार से कहा था कि उन्हें प्रियंका में राजनीतिक कौशल होने की झलक दिखती है।
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता फोतेदार की किताब ‘चिनार लीव्सÓ में इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़े कुछ पहलुओं को उजागर किया गया है। यह किताब 30 अक्टूबर को राजधानी में जारी की जाएगी।
किताब में इंदिरा गांधी की अक्टूबर 1984 के आखिर कश्मीर घाटी की यात्रा का विशेष विवरण है। फोतेदार ने लिखा है कि कश्मीर का यात्रा के दौरान एक मंदिर में वह गईं थीं। मंदिर में उन्हें एहसास हो गया था कि उनके जीवन का अंत निकट आ गया है।
फोतेदार ने अखबार से बातचीत करते हुए कहा कि कार से वापसी में जब वह आ रहीं थीं कि वह दार्शनिक मुद्रा में थीं। उन्होंने विचारपूर्ण तरीके से कहा था कि प्रियंका को राजनीति लाया जाए तो वह काफी सफल हो सकती है और लंबे समय तक सत्ता में रह सकती है।
फोतेदार ने अपनी किताब में लिखा कि वी पी सिंह की सरकार के गिर जाने के बाद पूर्व राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का विरोध किया था और वह प्रणब मुखर्जी को लाए जाने के पक्षधर थे।
माधवराव सिंधिया 1999 में मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने की सोनिया की योजना से अपसेट हो गए थे।
उन्होंने इसे रोकने के लिए समाजवादी पार्टी के अमर सिंह के साथ लॉबिंग की थी। उन्होंने यह भी दावा किया है कि अरुण नेहरू को राजीव गांधी की ‘गुड बुक्स’ से बाहर करने में सोनिया और सतीश शर्मा की भूमिका थी।

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