तमिलनाडु राजनीति: रजनीकांत द्रविड़ दलों के लिए चुनौती!

61 rajnikant
चेन्नई (Sting Operation)- सुपर स्टार रजनीकांत के राजनीति में प्रवेश को द्रविड़ दलों द्रमुक और अन्नाद्रमुक के लिए चुनौती तो माना जा रहा है लेकिन वे एमजी रामचंद्रन या जयललिता के इतिहास को दोहरा पाएंगे, इसकी उम्मीद बेहद कम है। पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के बाद तमिल राजनीति में खालीपन को ध्यान में रख शायद रजनीकांत ने राजनीति में कदम रखा है। वे प्रतिद्वंद्वी अभिनेता कमल हासन से भी हाथ मिलाने को तैयार दिखते हैं। एक पखवाड़े में उनकी दो मुलाकातें हुई हैं।
जानकारों का मानना है कि फिल्मी लोकप्रियता से राजनीति के शीर्ष पर पहुंचना आसान नहीं है। अब तक जो सफल हुए हैं, उन्होंने पहले दलों में कार्य किया। एमजी रामचंद्रन ने मुख्यमंत्री बनने से पहले कांग्रेस और डीएमके में 24-25 साल का सफर तय किया। रजनीकांत पर एक चैनल ने सर्वे कराया है जिसमें उन्हें 16 फीसदी लोगों का समर्थन दिख रहा है। एक जानकार का कहना है कि मोटे तौर पर यही अधिकतम उम्मीद है। एमजीआर और जया को 35-57 फीसदी तक वोट मिलते रहे हैं।
रजनीकांत के फिल्मी समर्थकों की तादाद कम नहीं है लेकिन चुनाव में द्रविड़ मुद्दा हावी रहता है। मैसूर में मराठी परिवार में जन्मे रजनी के लिए द्रविड़ राजनीति का विकल्प बनना कठिन है। वहां रामचंद्रन समेत कई दूसरे राज्यों से तमिलनाडु आकर बसे नेता सीएम बने हैं लेकिन वे सभी तमिल थे। राज्य में कांग्रेस खस्ताहाल है तो भाजपा शुरूआत के लिए जगह तलाश रही है। ऐसे में दोनों दलों की रजनीकांत में दिलचस्पी हो सकती है। पर रजनीकांत के भाजपा के साथ जाने की अटकलें ज्यादा हैं। रजनीकांत यदि चुनाव में उतरते हैं तो गैर तमिलों का उन्हें समर्थन मिलेगा। राज्य में करीब 25-30 फीसदी गैर तमिल हैं। भ्रष्टाचार से खफा युवा इन्हें आजमा सकते हैं।

About Sting Operation

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

themekiller.com