राजस्थान उपचुनाव: अजमेर-अलवर कांग्रेस को बड़ी बढ़त, मांडलगढ़ में जीत

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जयपुर (Sting Operation)- राजस्थान में दो लोकसभा एवं एक विधानसभा उपचुनाव की मतगणना आज सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरु हो गई। राज्य के निवार्चन विभाग के अनुसार अलवर और अजमेर लोकसभा एवं भीलवाड़ा जिले में मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव की मतगणना संबंधित जिला मुख्यालयों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू कर दी गई।
बीजेपी के लिए सेमीफाइनल
इस वर्ष राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं और इन उपचुनावों को बीजेपी के लिए सेमीफाइनल माना जा रहा है। राज्य में इन उपचुनावों में मतगणना मैंडेटरी वैरीफिकेशन पद्धति के जरिये कराई जा रही है। अलवर लोकसभा उपचुनाव के लिए बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय अलवर में मतगणना शुरु हुई जहां तिजारा क्षेत्र के लिए 25, किशनगढ़ 20, मुंडावर 24, बहरोड़ एवं अलवर ग्रामीण 19, अलवर शहर और रामगढ़ के लिए 22 तथा राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ के लिए 21 राउंड में मतगणना संपन्न होगी। इसी तरह अजमेर संसदीय क्षेत्र के लिए राजकीय पोलीटेक्नीक महाविद्यालय, अजमेर में पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के बीच मतगणना शुरु हो गई जहां अजमेर निवार्चन क्षेत्र के किशनगढ़ के लिए 34 , पुष्कर 20, अजमेर उत्तर 24, अजमेर दक्षिण 23, नसीराबाद 29, मसूदा 24, केकड़ी 34 और दूदू के लिए 23 राउंड में मतगणना पूरी होगी।
21 राउंड में खत्म होगी गिनती
इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव के लिए राजकीय पोलीटेक्नीक महाविद्यालय, तिलक नगर, भीलवाड़ा में सुबह आठ बजे मतगणना शुरु हो गई जहां 21 राउंड में मतगणना सम्पन्न होगी। परिणाम राउंड वाइज निवार्चन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि गत उन्नतीस जनवरी को हुए अलवर लोकसभा उपचुनाव के लिए 61़93 प्रतिशत तथा अजमेर लोकसभा उपचुनाव के लिए 65़59 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में 78.68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उपचुनाव में अजमेर में सबसे ज्‍23 उम्मीदवार चुनाव मैदान अपना भाग्य आजमा रहे हैं जबकि अलवर में ग्यारह एवं मांडलगढ में आठ प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।
पश्चिम बंगाल के नतीजों पर भी नजरें
पश्चिम बंगाल की उलुबेरिया लोकसभा सीट और नुआपाड़ा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे भी आज आएंगे। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव में बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है जबकि यहां भी सीपीएम अपने वजूद के लिए संघर्ष करते दिखाई दी है। यह सीट टीएमसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुल्तान अहमद की मौत के बाद खाली हुई थी। जबकि उत्तर 24 परगना जिले की नुआपाड़ा विधानसभा सीट पर वोटिंग कांग्रेस विधायक मधुसुदन घोष के निधन की वजह से उपचुनाव हुआ था। पश्चिम बंगाल भले ही टीएमसी का गढ़ है लेकिन बीजेपी अपनी राजनीति से उसके गढ़ में सेंध लगाने में कामयाब होती दिख रही है।

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