केरल लव जिहाद केस: सुप्रीम कोर्ट ने हदिया की शादी को किया बहाल

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नई दिल्‍ली (Sting Operation)- केरल लव जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केरल हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार करते हुए हदिया की शादी को बरकरार रखने का फैसला सुनाया। हदिया के पिता अशोकन ने कहा है कि सु्प्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाव वे पुर्नविचार याचिका दाखिल करेंगे।बता दें कि पिछले साल मई में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के द्वारा रिपोर्ट जमा करने के बाद केरल हाई कोर्ट ने इस शादी को रद्द कर दिया था।
एनआइए वकील ने सौंपी जांच रिपोर्ट
इससे पहले चीफ जस्‍टिस दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट बेंच ने एनआइए के वकील मनिंदर सिंह से हदिया विवाह मामले में बिना किसी हस्‍तक्षेप के जांच जारी रखने को कहा था। जिसके जवाब में मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जांच लगभग पूरी हो गई है।
पिता ने कहा था- हदिया का किया गया ब्रेनवाश
केरल धर्म परिवर्तन मामले में हदिया के पिता ने हलफनामा दायर किया। हदिया के पिता अशोक के वकील ए रघुनाथ ने कहा कि हदिया उर्फ अखिला का ब्रेनवॉश और दिमाग को बहलाया गया है। इससे पहले हदिया ने हलफनामा डाल कर सुप्रीम कोर्ट से अपील कर कहा था कि वह मुसलमान है और मुसलमान के तौर पर ही जिंदगी जीना चाहती है। इसके बाद कोर्ट ने उसके पिता, एनआईए और दूसरे पक्ष को जवाब दाखिल करने को कहा था।
ये है पूरा मामला
24 साल की हिंदू लड़की हदिया ने मुस्लिम लड़के शाफिन जहां से शादी करने के बाद धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर लिया था जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया। शादी से पहले हदिया हिंदू थीं और उनके पिता ने आरोप लगाए थे कि शफीन ने शादी लव जिहाद के लिए की है। हदिया के पिता का आरोप था शफीन जहां शादी के बाद हदिया को देह व्यापार में धकेलना चाहता था।
केरल हाईकोर्ट ने रद की थी शादी
पिछले साल मई में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के द्वारा रिपोर्ट जमा करने के बाद केरल हाई कोर्ट ने इस शादी को रद्द कर दिया था। इस पर हाई कोर्ट ने कहा था कि हदिया का दिमाग भरा गया है और मानसिक किडनैपिंग का शिकार हुई है। जिसके बाद हाई कोर्ट ने हदिया को उसके पिता के हिरासत में देते हुए कहा था, ‘भारतीय परंपरा के अनुसार अविवाहित महिला का घर उसके मां-बाप के पास होता है जब तक वह शादीशुदा न हो जाय।’ हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए हदिया के पति शफीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने हदिया को पढ़ाई जारी रखने का दिया था आदेश
पिछले साल ही 27 नवंबर को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच के समक्ष हदिया ने कहा था कि वह आजादी के साथ अपनी जिंदगी जीना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट ने हदिया को उसके अभिभावकों के संरक्षण से मुक्त करते हुए उसे कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने का निर्देश दिया था। हालांकि हदिया ने अनुरोध किया था कि उसे उसके पति शाफीन जहां के साथ जाने दिया जाय। 23 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनआइए को हदिया की शादी की वैधता की जांच करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि वो बालिग है ऐसे में इसकी जांच नहीं कराई जा सकती है।

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