पीएम मोदी की रैली से पहले दिल्ली एटीएस ने संदिग्ध को उठाया, पूछताछ के बाद छोडऩे की तैयारी

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बरेली (Sting Operation) – शाहजहांपुर में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान कल्याण रैली से पहले बरेली के बहेड़ी से दिल्ली एटीएस के हत्थे चढ़े संदिग्ध को छोडऩे की तैयारी है। एटीएस ने उसे आइएसआइएस का संदिग्ध मानकर उठाया था। संदिग्ध के परिवार के लोग दिल्ली जाने की तैयारी में हैं।
संदिग्ध युवक को आतंकवादी संगठन आइएसआइएस से तार जुड़े होने के शक पर पूछताछ के लिए उठाया गया था। कोतवाल राजवीर सिंह ने बताया कि पूछताछ में युवक का आतंकी कनेक्शन नहीं मिला है। युवक को परिवार के सुपुर्द करने के लिए दिल्ली एटीएस टीम वापस बहेड़ी के लिए रवाना हो गई है।
दिल्ली एटीएस ने प्रधानमंत्री की किसान रैली से कुछ घंटे पहले बहेड़ी के तलपुरा इलाके में दबिश देकर 30 वर्षीय शहबाज नाम के युवक को उठाया था। इसके बाद एटीएस टीम सीधे दिल्ली रवाना हो गई। स्थानीय पुलिस को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। बताया जा रहा था कि दिल्ली से गिरफ्तार किए गए एक अन्य युवक की निशानदेही पर एटीएस ने बहेड़ी से शहबाज को दबोचा था। यह युवक दिल्ली में रहकर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का काम करता है। वह डिप्लोमा कर रहा है। प्रधानमंत्री की किसान रैली से पहले एटीएस की कार्रवाई से पूरे इलाके में खलबली मच गई। बहेड़ी का आतंकवादी गतिविधियों से पहले भी कनेक्शन रह चुके हैं।
बुधवार को भी देर रात एटीएस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी की थी। मामले में कोतवाल राजवीर सिंह ने बताया कि फोन पर दिल्ली एटीएस के अधिकारियों से बात हो गई है। शाहबाज को आतंकी संगठन से जुड़े होने के शक में उठाया गया था। उससे पूछताछ के दौरान मामला सही नहीं निकला। युवक को परिवार के सुपुर्द करने के लिए दिल्ली एटीएस टीम वापस बहेड़ी के लिए रवाना हो गई है। रेंद्र मोदी की किसान कल्याण रैली के चलते हाई अलर्ट के बीच बरेली से एक संदिग्ध आतंकी पकड़ा गया है। दिल्ली से पहुंची एटीएस को बहेड़ी से कथित आतंकी शाहबाज को उठाकर अपने साथ ले गई। संदिग्ध के तार आतंकवादी संगठन आइएसआइएस से जुड़े हुए हैं।
इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले बुधवार देर रात को भी दिल्ली एटीएस ने संदिग्ध की तलाश में कई मुहल्लों में दबिश दी थी। हालांकि, उस दौरान कोई सफलता उनके हाथ नहीं लग सकी थी।
बहेड़ी में पहले भी रहे आतंकी कनेक्शन
बहेड़ी में आतंकी कनेक्शन का यह कोई पहला मामला नहीं है। आतंकी वारदातों में क्षेत्र का नाम चर्चा में आता रहा है। एक जनवरी 2008 में रामपुर जिले में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमले हुआ। इसमें आठ सीआरपीएफ जवान मारे गए थे।
जांच में बहेड़ी तहसील के एक युवक का नाम मुख्य आतंकी के तौर पर सामने आया था। पंजाब में खालिस्तानी आतंक के दौर में आतंकियों ने पूर्व चेयरमैन के बेटे का अपहरण कर लिया था। तब भी आतंकियों का स्थानीय कनेक्शन सामने आया था। दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में भी बहेड़ी के एक युवक का नाम जांच में सामने आया था।

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