भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार में गिरावट

देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर में जुलाई-सितंबर की अवधि में गिरावट दर्ज की गई है, जोकि 7.1 फीसदी रही, जबकि इसकी पिछली तिमाही में यह 8.2 फीसदी पर थी। इस गिरावट का मुख्य कारण डॉलर के खिलाफ रुपये के मूल्य में आई गिरावट और ग्रामीण मांग में कमी आना है। वित्तवर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही में हल्की गिरावट के बावजूद जीडीपी की वृद्धि दर पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही की तुलना में अधिक रही है। वित्तवर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 6.3 फीसदी रही थी। केंद्रीय सांख्यिकी कायार्लय (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सकल मूल्य व्द्धिधत (जीवीए) दर जुलाई-सितंबर तिमाही में बढ़कर 6.9 फीसदी रही है, जोकि पिछली तिमाही की 8 फीसदी की तुलना में कम है। वित्तवर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में जीवीए की दर 6.1 फीसदी रही थी। वहीं आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अक्तूबर माह में घटकर 4.8 प्रतिशत रह गई। पिछले साल इसी अवधि में यह पांच प्रतिशत थी।

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