पूर्व मेयर को सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत तो किया सरेंडर

जालंधर के बहुचर्चित पूर्व मेयर सुरेश सहगल ने बुधवार को आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके बाद कोर्ट ने सहगल को 30 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अवैध निर्माण रुकवाने गए बिल्डिंग इंस्पेक्टर से मारपीट की घटना को ढाई माह से भी ज्यादा वक्त बीते जाने के बाद सहगल को ऐसा करने पर मजबूर होना पड़ा। लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उनकी अग्रिम जमानत संबंधी सारे रास्ते बंद हो गए, तब सुप्रीम कोर्ट की गाइडेंस के बाद सहगल को सरेंडर करना पड़ा।मामला 28 अक्टूबर का है। फगवाड़ा गेट एरिया में अवैध निर्माण रोकने गई बिल्डिंग टीम से मारपीट की गई थी। विरोध करने पर पूर्व मेयर सुरेश सहगल पर गाली-गलौच किए जाने का आराेप लगा था। हालांकि, सहगल ने आरोपों को नकारा था। इस घटना का एक वायरल वीडियो भी शहर में चर्चा का विषय बना। इसमें दोनों पक्षों को मारपीट और गाली-गलौच करते देखा गया।बिल्डिंग इंस्पेक्टर दिनेश जोशी की मानें तो उन्हें सूचना मिली थी कि संडे की छुट्टी का फायदा उठाकर गली में लैंटर डाला जा रहा है। जब काम रोकने के लिए गए तो बिल्डिंग मालिक शर्मा, पूर्व मेयर और उनके साथियों ने उन्हें रोका और पूर्व मेयर सुरेश सहगल ने उनके साथ हाथापाई की। इंस्पेक्टर दिनेश जोशी ने थाना-3 में शिकायत दर्ज करवाई।

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