इस चॉकलेट को खाना है ज्‍यादा फायदेमंद, Depression का खतरा होगा कम!

 

chocolate

नई दिल्‍ली। डार्क चॉकलेट खाने से अवसाद को कम करने में मदद मिल सकती है। हालिया अध्ययन में यह बात सामने आई है। इस अध्ययन में 13,626 लोगों के डाटा का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में प्रतिभागियों की चॉकलेट के सेवन से जुड़ी आदत और उनमें अवसाद के लक्षणों को जांचा गया। इस दौरान उनकी लंबाई, वजन, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, आय, शारीरिक गतिविधि, धूमपान और स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं को भी ध्यान में रखा गया।इस अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने डार्क चॉकलेट का सेवन किया था, उनमें अन्य लोगों की तुलना में 24 घंटे के दौरान अवसाद के लक्षण करीब 70 फीसद तक कम पाए गए। इसी तरह डार्क के साथ अन्य चॉकलेट खाने वालों में भी लक्षण 25 फीसद तक कम रहे। शोध से जुड़े वैज्ञानिकों ने बताया कि दुनियाभर में 30 करोड़ से ज्यादा लोग अवसाद के शिकार हैं। शोध के नतीजे इससे निपटने और इलाज के नए तरीके खोजने में भी मददगार हो सकते हैं।डार्क चॉकलेट शुगर, कोको बटर, कोको सॉलिड और बहुत कम मात्रा में दूध के मिश्रण से बना होता है। यह थोड़ा मीठा और थोड़ा कड़वा होता है। 100 ग्राम डार्क चॉकलेट में, जिसमें 70-85% कोको हो उसमें 11 ग्राम फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर, मैंगनीज, उपस्थित होता है इसके अलावा इसमें पोटैशियम, फास्‍फोरस, जिंक और सेलेनियम प्रचुर मात्रा में मिलता है। यह हमारी बॉडी के लिए एंटीऑक्‍सीडेंट का काम करता है। डार्क चॉकलेट रक्‍तचाप को दुरुस्‍त रखता है और ह्रदय संबंधी बीमारियों और ह्रदयघात से बचाता है। यह मस्तिष्‍क में भी रक्‍त प्रवाह को सही रखता है, तनाव दूर कर हमें खुश रखता है। डार्क चॉकलेट के हैं ढेरों फायदे….
मस्तिष्‍क के लिए लाभकारी;-डार्क चॉकलेट हृदय के साथ-साथ मस्तिष्क में भी रक्त बहाव को बेहतर बनाती है जिससे संज्ञानात्मक क्रिया बेहतर होती है। डार्क चॉकलेट से स्ट्रोक के खतरे को कम करने में सहायता मिलती है। डार्क चॉकलेट खाने से आप प्रसन्न रहेंगें।
एक्‍सरसाइज जितना ही फायदेमंद:-डार्क चॉकलेट खाने से आपके शरीर को वैसा ही फायदा होता है, जैसा एक्सरसाइज़ करने से होता है यानी अब चॉकलेट खाना भी फायदे का सौदा है। शोधों में यह भी पाया गया है कि चॉकलेट में एक ऐसा वानस्पतिक यौगिक ‘इपिकेटेचीन’ होता है, जो मसल्स को उसी तरह क्रियाशील करता है जैसे कि व्यायाम या खेल से जुड़ी कोई गतिविधि करती है। उल्लेखनीय है कि एरोबिक्स, जॉगिंग, रस्सी कूदने या साइकलिंग करने से मांसपेशियों की कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या में बढ़ोतरी होती है। ठीक यही काम इपिकेटेचीन भी करता है।
दिल को दुरूस्‍त रखें;-डार्क चॉकलेट रक्त और वसा के स्तर को भी सुधारती है। एक नये अध्ययन में यह खुलासा हुआ कि डार्क चॉकलेट ग्लूकोज़ के स्तर और लिपिड प्रोफाइल में सुधार कर दिल के रोगों के जोखिम को कम करती है। फेवनोल्स से भरपूर डार्क चॉकलेट का सेवन हृदय सम्बंधी रोग जैसे रक्तचाप कम होने और रक्त प्रवाह में कमी जैसे जोखिम को कम कर सकता है।
एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर:-डार्क चॉकलेट एंटी-ऑक्सीडेन्ट से भरपूर होती है। एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से मुक्त करने में सहायक होते है जो हमारी कोशिकाओं को आक्सीकरण द्वारा नष्ट करते हैं। फ्री रेडिकल्स उम्र दराज दिखने और कैंसर के कारक होते हैं, इसलिये एंटी-ऑक्सीडेंट युक्त आहार यानी डार्क चॉकलेट खाने से कई प्रकार के कैंसर तथा बढ़ती उम्र से बचा जा सकता है।
डार्क चॉकलेट अगर कम मात्रा में खाएं:-आप चॉकलेट का मजा जरूर ले और डार्क चॉकलेट जरूर खाएं लेकिन कोशिश करें कि आप इसे कम मात्रा में खाए, क्योंकि यह आसानी से संतृप्त वसा और कैलोरी की दैनिक मात्रा को बढ़ा सकती है। जिससे आपका वजन बढ़ सकता है और आप कई बीमारियों के शिकार हो सकते है। इसलिए चॉकलेट के मजे तो आप जरूर ले पर जरा संभल कर।

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