हांगकांग में प्रदर्शन का दौर जारी, अर्थव्‍यवस्‍था तक पहुंची आंच, बेअसर रही चीन की धमकी

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हांगकांग। एक माह से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन ने हांगकांग को एक खतरनाक स्थिति में धकेल दिया है। हांगकांग के मुख्‍य कार्यकारी कैरी लैम ने सोमवार को कहा कि हिंसक विरोध प्रदर्शन बेहद खतरनाक स्‍तर पर पहुंच चुका है। इस प्रदर्शन की आंच अब हांगकांग की अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ना शुरू हो गई है। इसे लेकर चीन और हांगकांग सरकार चिंतित दिखी। उधर, चीन लगातार प्रदर्शनकारियों को आगाह करता आ रहा है। चीन का कहना है कि अगर हिंसक प्रदर्शन जारी रहा तो उसे मजबूरन सेना काे उतारना पड़ेगा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों पर चीन की यह धमकी बेअसर रही है।बता दें कि शनिवार को हांगकांग में सरकार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में नया मोड़ तब आया, जब इस आंदोलन में यहां के सिविल सर्वेंट भी शामिल हो गए। इससे हांगकांग सरकार की मुश्किलें और बढ़ गई है। बता दें कि प्रदर्शनकारी हांगकांग सरकार के प्रत्‍यर्पण विधेयक का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार से प्रत्‍यर्पण बिल को पूरी तरह से वापस लेने की मांग कर रहे हैं। यह हड़ताल करीब एक माह से अधिक समय से जारी है, लेकिन दस दिनों पूर्व यह आंदोलन हिंसक रूपसिविल सेवकों के इस ऐलान के बाद हांगकांग के मुख्‍य कार्यकारी कैरी लैम ने एक सख्‍त चेतावनी जारी किया है। लैम का कहना है सविल सेवको से उम्‍मीद की जाती है वे राजनीतिक रूप से तटस्‍थ बने रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि राजनीतिक तटस्‍थता के सिद्धांत को कमजोर करने वाला कोई भी क्रियाकिलाप अस्‍वीकार्य होगा। लैम ने कहा है कि सिविल सर्वेंट के इस कदम से उनका जनता के बीच विश्‍वास उठ जाएगा। इससे जनता के बीच एक गलत धारण पैदा होगी।गौरतलब है क‍ि प्रत्‍यर्पण विधेयक को बीते हफ्ते ही पारित किया जाना था, लेकिन जनता के भारी विरोध के चलते इस टाल दिया गया। बीजिंग समर्थक हांगकांग की नेता कैरी लाम ने कहा कि प्रत्‍यर्पण की अनुमति देने वाला विधेयक अब निलंबित रहेगा। पिछले हफ्ते प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हम हांगकांग के लोग हैं। हमें किसी भी प्रदर्शन में भाग लेने व स्‍वतंत्र रूप से बोलने का बुनियादी हक है। प्रदर्शनकारी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई की स्‍वतंत्र जांच हो।
क्‍या है प्रत्‍यर्पण विधेयक;-इस कानून के मुताबि अगर कोई व्‍यक्ति चीन में अपराध करके हांगकांग में शरण लेता है तो उसे जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए चीन भेज दिया जाएगा। हांगकांग सरकार इस मौजूदा कानून में संशोधन के लिए फरवरी में प्रस्‍ताव लाई थी। अगर ये कानून पास हो जाता है तो इससे चीन को उन क्षेत्रों में संदिग्‍धों को प्रत्‍यर्पित करने की अनुमति मिल जाएगी, जिनके साथ हांगकांग का समझौता नहीं है। उदाहरण के तौर पर संबंधित अपराधी को ताइवान और मकाऊ प्रत्‍यर्पित किया जा सकेगा। बता दें कि हांगकांग एक एक स्‍वायत्‍त दृवीप है। चीन इसे अपने संप्रभु राज्‍य का हिस्‍सा मानता है। इसके चलते हांगकांग और चीन के बीच कोई प्रत्‍यर्पण सिंध नहीं हुई है।

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