जम्‍मू कश्‍मीर पर शोर मचाने वालों ने इमरान को ही बाहरी बताकर खुद ही खोली अपनी पोल

jmukashmir

नई दिल्‍ली। जम्‍मू कश्‍मीर की संवैधानिक स्थिति में हुए बदलाव पर पर छाती पीट रहे पाकिस्‍तान ने अपनी पोल खुद ही खोल दी है। कश्‍मीरियों के हक को लेकर जो लोग भारत को कोस रहे थे, उन्‍होंने यह साफ कर दिया है कि वह जब उन लोगों के नहीं हुए जो पाकिस्‍तान में आजादी से पहले से रह रहे थे तो फिर कश्‍मीरियों के क्‍या होंगे। दरअसल पिछले दो दिन से पाकिस्‍तान की संसद में संयुक्‍त सत्र जारी है। यह सत्र जम्‍मू कश्‍मीर पर भारत सरकार के ताजा फैसले के बाद ही बुलाया गया है। इसमें पहले दिन पांच घंटे की इंतजार के बाद विपक्ष की मांग पर प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी बात रखी थी।दूसरे दिन की बहस के दौरान भी कई सांसदों ने अपनी बातें इस मंच से रखी। अपनी बात कहने वालों में देश के पूर्व राष्‍ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी थे। उन्‍होंने इमरान खान को संबोधित करते हुए यहां तक कहा कि वो पाकिस्‍तान का निर्माण करने वाले लोगों में वो कहीं नहीं थे। पाकिस्‍तान का निर्माण केवल सिंध और पूर्वी पाकिस्‍तान के लोगों की मेहनत और जद्दोजहद का नतीजा है। इमरान खान तो पंजाबी थे जो पाकिस्‍तान के बनने के बाद बस इसका हिस्‍सा बन गए। लिहाजा वो भी यहां पर रहें। उन्‍होंने अपने बयान को जिस लहजे में कहा वह कहीं न कहीं उस सोच को दर्शाता है, जिसमें आज तक मुहाजिरों को भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। आगे बढ़ने से पहले आपको इस शब्‍द के मायने बता देना जरूरी हो जाता है। दरअसल, बंटवारे के बाद जो लोग भारत से पाकिस्‍तान चले गए थे उन्‍हें वहां पर मुहाजिर कहा गया।पाकिस्‍तान में इन मुहाजिरों के हकों को लेकर आज तक संघर्ष जारी है। इतना ही नहीं मुहाजिर कौमी मूवमेंट (राजनीतिक पार्टी) का जन्‍म ही इस वजह से हुआ था। आपको ये भी बता दें कि इस पार्टी के प्रमुख 1984 में मुहाजिरों के साथ हो रहे अत्‍याचार और शोषण के खिलाफ अल्‍ताफ हुसैन ने इस पार्टी का गठन किया था। वर्तमान में वह ब्रिटेन में रह रहे हैं। जरदारी के बयान को पाकिस्‍तान की उस सोच से भी मिलाकर देखा जा सकता है जो बीते कई दशकों से बलूचिस्‍तान में हो रहा है। बलूचिस्‍तान में क्‍या हो रहा है वह पूरी दुनिया जानती है। य‍ह बात अलग है कि पाकिस्‍तान की सरकार उस पर आंखें मूंदे हुए है और सबकुछ ठीक होने का ढोंग करता आया है। पाकिस्‍तान की सदन में ही ज्‍वाइंट सेशन के दौरान जरदारी ने ये तो कहा कि वह ब्रिटेन में जम्‍मू कश्‍मीर के मसले पर जो पाकिस्‍तानी भारत के खिलाफ मुखर होकर सामने आए हैं उनपर फख्र करते हैं, लेकिन इस दौरान वो ये भूल गए कि कुछ ही समय पहले ब्रिटेन में हुए वर्ल्‍ड कप के मैच के दौरान बलूचिस्‍तान फ्री का बैनर लेकर एक विमान स्‍टेडियम के ऊपर से गुजरा था। जरदारी ये भी भूल गए कि बलूचिस्‍तान के लेागों ने ब्रिटेन की सड़कों पर एक नहीं कई बार पाकिस्‍तान के खिलाफ आवाज बुलंद की है।

About Sting Operation

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

themekiller.com