किसी को ‘छक्के’ खाने तो किसी को मारना सिखाया, ये हैं टीम इंडिया के चैंपियन क्रिकेटर्स के ‘गुरुदेव’

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नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धौनी और विराट कोहली जैसे भारतीय क्रिकेट टीम के चैंपियन खिलाड़ियों को तो सभी जानते हैं। क्या आपको पता है, इनको स्टार बनाने के पीछे किनकी मेहनत लगी है। कौन हैं जिन्होंने इनकी प्रतिभा को पहचाना और इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता दिखाया। आज शिक्षक दिवस के दिन हम आपको बताने जा रहे हैं टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर्स के गुरूओं के बारे में।
सचिन तेंदुलकर;-दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर के हुनर को बचपन में पहचानकर उनको स्टार बनाने वाले गुरू का नाम रमाकांत अचरेकर है। सचिन के साथ आज पूरी दुनिया को अचरेकर सर का नाम पता है। सचिन की प्रतिभा को अचरेकर सर ने छोटी उम्र में ही पहचान लिया था। सचिन बताते हैं कि कैसे अपनी स्कूटर पर सर उनको बिठाकर मैच खेलने ले जाया करते थे। सचिन को एक सिक्के का लालच देकर अचरेकर सर उनको सारा दिन बल्लेबाजी करवाया करते थे। ये उनकी मेहनत और तपस्या का नजीता है कि सचिन ने 20 साल से ज्यादा क्रिकेट खेला और लगभग हर रिकॉर्ड अपने नाम करने में सफलता हासिल की।
महेंद्र सिंह धौनी;-भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को दुनिया से सबसे तेज विकेटकीपर्स में गिना जाता है। धौनी जैसी तेजी से स्टंपिंग करते हैं उनकी तुलना 4G से की जाती है। धौनी बचपन में फुटबॉल के गोलकीपर हुआ करते थे, उनको क्रिकेट का विकेटकीपर बनाने का श्रेय केशव रंजन बनर्जी को जाता है। धौनी की प्रतिभा को स्कूल टाइम में पहचान उनको बेहतर ट्रेनिंग देकर टीम इंडिया का स्टार बनाया। अगर केशव सर नहीं होते तो शायद भारतीय क्रिकेट को अपना सबसे बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाज कभी नहीं मिल पाता। केशव ने ही धौनी की बल्लेबाजी देखने के बाद उनको बड़े -बड़े शॉट खेलने की कला सिखाई।
विराट कोहली;-टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली जिनको वर्ल्ड क्रिकेट में रन मशीन के नाम से जाना जाता है। सचिन के बनाए रिकॉर्ड को विराट आहिस्ता -आहिस्ता अपने नाम करते जा रहे है। विराट की प्रतिभा को छोटी उम्र में पहचान उनको क्रिकेट के गुर सिखाने वाले कोच का नाम राजकुमार शर्मा है। राजकुमार ने कोहली को क्रिकेट की बारिकियां सिखाई और उनको स्टार बल्लेबाज बनाया।
कुलदीप यादव:-टीम इंडिया के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की फिरकी दुनिया के बड़े से बड़े बल्लेबाज को चकमा दे जाती है। कुलदीप को विश्व क्रिकेट का सबसे निडर गेंदबाज माना जाता है, जो छक्के खाने के बाद भी विकेट हासिल करने की सोचता है। कुलदीप को निडर बनाया है उनके बचपन के कोच कपिल पांडे की ट्रेनिंग ने। कपिल शुरुआत में कुलदीप को छक्के खाने की ट्रेनिंग दिया करते थे। उनका कहना था, अगर एक गेंदबाज छक्के खाने की आदत डाल ले और ना घबराए तो फिर वह विकेट निकालना भी सीख लेता है।
ईशांत शर्मा;-ईशांत शर्मा आज टीम इंडिया की टेस्ट टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाज हैं। उनकी गेंदबाजी का अनुभव पूरी टीम को मिलता है। हालिया वेस्टइंडीज सीरीज में उन्होंने 11 विकेट हासिल किए साथ ही पूर्व दिग्गज कपिल देव का रिकॉर्ड तोड़ एशिया के बाहर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बने। इशांत की प्रतिभा को पहचान उनको गेंदबाजी के गुर सिखाया श्रवण कुमार ने। श्रवण ने इशांत की लंबाई को देख उनको तेज गेंदबाज बनने की प्रेरणा दी और सही ट्रेनिंग देकर एक सफल गेंदबाज बनाया।

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