PM Modi in Russia: पीएम बोले- 2024 तक विश्व की आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत

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व्लादिवोस्तोक। पीएम मोदी ने रूस दौर के आखिरी दिन गुरुवार को पांचवें ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (EEF) के मंच पर पूरी दुनिया के सामने भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने फोरम को संबोधित करते हुए कहा ‘भारत, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत 5 ट्रिलियन डॉलर का अर्थव्यवस्था बनने के लिए आगे बढ़ रहा है। साल 2024 तक भारत इस मुकाम पर पहुंचाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं ।
विकास की रफ्तार तेज हुई:-पीएम मोदी ने कहा ‘भारत और रूस के साथ आने पर विकास की रफ्तार को 1+1= 11 बनाने का मौका है। हाल ही में भारत के कई नेता यहां पर आए और कई विषयों पर चर्चा की।’
गुजराती और रूसी भाषा में कहा अलविदा:-पीएम मोदी ने गुजराती और रूसी भाषा में अलविदा बोलकर लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने भारत और रूस की समान संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि गुजराती में अलविदा नहीं, जल्दी मिलेंगे के लिए आवजो कहते हैं। इसी तरह रूस में अलविदा नहीं दसविदानिया कहते हैं।
आर्थिक कूटनीति को मिलेगा नया आयाम;-पीएम मोदी ने कहा ‘भारत सरकार एक्ट ईस्ट मिशन पर काम कर रही है। यह हमारी आर्थिक कूटनीति को भी एक नया आयाम देगा। पूर्वी हिस्से में विकास के लिए भारत 1 बिलियन डॉलर का लाइन ऑफ क्रेडिट देगा।’
चुनाव से पहले ही निमंत्रण:-पीएम मोदी ने कहा ‘ पुतिन ने इस कार्यक्रम के लिए मुझे भारत में चुनाव से पहले ही निमंत्रण दे दिया था। देश के 130 करोड़ लोगों ने मुझपर भरोसा जताया है। मुझे राष्ट्रपति पुतिन के साथ रूस की प्रतिभा को जानने का मौका मिला। इससे मैं काफी प्रभावित हुआ हूं। भारत और पूर्वी हिस्से का रिश्ता काफी पुराना है, भारत पहला देश है जिसने यहां पर अपना दूतावास खोला है।’
व्लादिवोस्तोक दोनों देशों के लिए बना एक अहम स्थान;-मोदी ने कहा कि सोवियत यूनियन के समय भी भारत-रूस का काफी रिश्ता मजबूत था। व्लादिवोस्तोक दोनों देशों के लिए एक अहम स्थान बना है, भारत ने यहां पर एनर्जी सेक्टर और दूसरे उद्योग में निवेश किया है।पीएम मोदी ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन की रूस के सुदूर हिस्से के लिए रुचि काफी ज्यादा है, जो उनकी नीति में झलकती है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत कदम से कदम मिलाकर रूस के साथ चलना चाहता है।
11 गवर्नरों को भारत आने का न्योता:-पीएम मोदी ने इस दौरान बताया कि रूस के इस पूर्वी हिस्से के सभी 11 गवर्नरों को भारत आने का न्योता दिया है। आज दोनों देशों के संबंध ऐतिहासिक मुकाम पर हैं। भारत और रूस मिलकर स्पेस की दूरियां पार करेंगे और समंदर की गहराइयों को मापेंगे। जल्द ही चेन्नई और व्लादिवोस्तोक के बीच शिप चलेंगे।’
एशिया पैसेफिक देशों का दुनिया पर काफी बड़ा प्रभाव होगा:-इस दौरान पुतिन ने कहा कि भारत, चीन, कोरिया, मलेशिया, जापान, मंगोलिया जैसे देशों का हमारे साथ अटूट संबंध है। आने वाले दशकों में एशिया पैसेफिक रीजन के देशों का दुनिया पर काफी बड़ा प्रभाव होगा।
भारतीय बिजनेस पवेलियन का दौरा;-इससे पहले यहां प्रधानमंत्री ने भारतीय बिजनेस पवेलियन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने इंडो-रशियन इनोवेशन ब्रिज का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि भारत इस फोरम का हिस्सा नहीं है, लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष आमंत्रण पर पीएम मोदी ने इसमें हिस्सा लिया।
पंजाब के पटाखा फैक्‍ट्री में हुए धमाके पर जाहिर किया दुख:-पंजाब के बटाला शहर में पटाखा फैक्‍ट्री में हुए धमाके को लेकर पीएम मोदी ने दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि यह हादसा दिल दहला देने वाला है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। मुझे उम्मीद है कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएंगे।
जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर मलेशिया के पीएम से बातचीत:-इससे पहले उन्होंने जापान के पीएम शिंजो एबी, मलेशियाई प्रधानमंत्री डॉ. महातिर मोहम्मद और मंगोलिया के राष्ट्रपति खाल्तमागिन बत्तुलगा से मुलाकात की। पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ. महातिर मोहम्मद और मंगोलिया के राष्ट्रपति खाल्तमागिन बत्तुलगा (Khaltmaagiin Battulga) से मुलाकात की। उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ. महातिर मोहम्मद से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए भारत-मलेशिया सहयोग में विविधता लाने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही, विवादित इस्‍लामी उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का भी मुद्दा उठाया।
जापान के साथ द्विपक्षीय वार्ता:-इससे पहले उन्होंने आज जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस मुलाकात को लेकर पीएम ने ट्वीट कर के जानकारी दी। पीएम ने इस ट्वीट में कहा कि आज की बैठक में कई विषयों पर चर्चा हुई। यह बैठक ओसाका में जी -20 शिखर सम्मेलन और बियारेट्ज में जी 7 में दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद हुई।
सुदूर पूर्व क्षेत्र:-भारत ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (EEF) का सदस्य नहीं है, लेकिन पीएम मोदी राष्ट्रपति पुतिन के विशेष आमंत्रण पर पांचवें ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। मोदी रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र (फार ईस्ट रीजन) की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं।
मोदी को रूस का सर्वोच्च सम्मान;-रूस ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्र्यू द अपोस्टल’ से प्रधानमंत्री मोदी को नवाजने का एलान किया है। इस सम्मान की घोषणा इस साल अप्रैल में हुई थी।
पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता;-पीएम मोदी ने बुधवार को दौरे के पहले दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान उन्होंने पुतिन को कश्मीर पर भारत की स्थिति के बारे में भी बताया। उन्होंने पुतिन को कश्मीर पर भारत का समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और अनुच्छेद 370 पर हालिया फैसले के पीछे के तर्क को समझाया। पीएम मोदी ने पुतिन को पाकिस्तान द्वारा किया जा रहा झूठे और भ्रामक प्रचार से भी अवगत कराया।
14 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर;-वार्ता के साथ ही 14 बड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किये गये। इसमें पांच समझौता ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित है। एक समझौता एलएनजी आयात से संबंधित है जो भारत को रूस के सुदूर पूर्व इलाके से निकलने वाले एलएनजी का सबसे बड़ा खरीददार बना सकता है। साथ ही, रूस की गैस उत्पादक कंपनी नोवाटेक ने भारत में बनाये जाने वाले तीन एलएनजी टर्मिनल में निवेश को भी तैयार है। दोनो देशों के बीच हुई आधिकारिक वार्ता में भारत की तरफ से रूस के तेल व गैस क्षेत्र में बड़े निवेश की बात भी हुई। विदेश सचिव विजय गोखले के मुताबिक, इस संदंर्भ मे जल्द ही बड़ी घोषणा हो सकती है।

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