भावुक ISRO चीफ को PM मोदी ने लगाया गले, देश-विदेश से मिल रही ऐसी प्रतिक्रिया

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नई दिल्ली। तूफानों से डरकर नौका पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती! चंद्रयान -2 (Chandrayaan 2:) के लैंडर विक्रम के कदम भले ही चांद की सतह को छूने से एन पहले ठिठक गए हों। लेकिन, अभी भी देश की उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं। पूरे देश एक स्वर में बोले रहा है कि ISRO हम तुम्हारे साथ हैं। वैज्ञानिकों और देश का हौंसला बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने आज (शनिवार) इसरो मुख्यालय से लोगों को संबोधित किया।इसके बाद जब पीएम मोदी ISRO मुख्यालय से बाहर आ रहे थे तो, ईसरो चीफ के. सिवन भावुक हो गए और उनके गले लगकर रोने लगे। पीएम ने उन्हें गले लगाकर उनकी हौसला अफजाई की। इस भावुक पल का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। पीएम मोदी द्वारा इसरो चीफ को गले लगाए जाने पर ट्वीटर पर देश से लेकर विदेश तक के लोग उनके इस कदम की सराहना कर रहे हैं। कन्नड ISRO ने ट्वीट करते हुए पीएम मोदी के संबोधन को ‘प्रेरणादायक नेतृत्व में एक सबक’ (A lesson in inspirational leadership) बताया। भावुक के सिवन की हौसला अफजाई के लिए पीएम मोदी की देश में ही नहीं बल्कि विदेश के लोग भी तारीफ कर रहे हैं। भारत और श्रीलंका के पूर्व इजरायली राजदूत डैनियल कार्मोन ने भी पीएम मोदी की सराहना की। बैंगलुरू के पुलिस कमीश्नर भास्कर राव कहा कि पीएम मोदी के गले लगने ने ‘नेतृत्व में शांति’ का प्रदर्शन किया। उन्होंने लिखा पुलिस आयुक्त के रूप में, मैं पीएम को उदास डॉ सिवन को सांत्वना देते हुए देख रहा था। किस तरह से संकट में शांति, वैज्ञानिक समुदाय के लिए विश्वास बहाल करना और राष्ट्र के लिए आशा और प्रगति पैदा करना। एक ऐसा सबक है जो मैंने आज सीखा है।
लोगों बोले हमारे पीएम मनुष्य:-एक यूजर ने लिखा कि हमारे प्रधानमंत्री मनुष्य है। जो हर चीज से परे हैं। इसलिए ही हमने उन्हें चूना है।एक अन्य यूजर ने लिखा कि पीएम मोदी द्वारा इसरो चीफ को गले लगाना सराहना के कई गूना शब्दों से भी परे हैं। प्रधानमंत्री को इसरो के साथ एकजुटता दिखाने के लिए भी प्रशंसा की गई। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और रवि शंकर प्रसाद ने भी पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि ये वो मौका है जब देश को मजबूती के साथ खड़े रहना है।
जब विक्रम से टूट गया संपर्क:-भारत का चंद्रयान मिशन को लेकर शनिवार सुबह पूरे देश को तब बड़ा झटका लगा जब लैंडर विक्रम चंद्रमा के सतह पर पहुंचने ही वाला था कि ठीक दो किलोमीटर पहले विक्रम से संपर्क टूट गया। इसरो के मुख्यालय में उस वक्त सभी वैज्ञानिकों के चेहरे पर निराशा साफ दिख रही थी। इसका ऐलान करते हुए इसरो चीफ ने कहा कि चंद्रमा की सतह से 2.1 किमी पहले तक लैंडर प्लानिंग के अनुसार काम कर रहा था। लेकिन, उसके बाद उससे संपर्क टूट गया। बता दें इस दौरान पीएम मोदी इसरो मुख्यालय में वैज्ञानिकों के साथ मौजूद थे।

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