नहीं रहा ईस्टर्न कमांड का जाबाज Hero डच, कई IED धमाकों से बचाई लोगों की जान

nhinrha

नई दिल्ली। देश की आर्मी ईस्टर्न कमांड ने जाबाज हीरो को खो दिया है। आर्मी ईस्टर्न कमांड का 9 साल के कुत्ते डच की मौत हो गई है। डच ने 11 सितंबर को अपनी आखिरी सांस ली थी। शनिवार को डच की मौत के गम में शोक सभा रखी गई। सभी जवानों ने उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी। डच ने कई सालों तक देश की सेवा की। डच ने कई विस्‍फोटक खोजकर बड़े हादसे होने से बचाया। डच का जन्म 3 अप्रैल 2010 में मेरठ के आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज में हुआ था। ये भारतीय सेना से खास डॉग था। डच ने आतंक विरोधी अभियान में कमाल की भूमिका निभाई। डच विस्फोटक सामग्री सूंघरकर खोजने में विशेषज्ञ था। पूर्वी कमांड के लिए इसने कई ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई थी।दिसंबर 2014 में असम के गोलापार में एक पब्लिक बस में 6 किलोग्राम आईडी का पता लगाया था। इसी के साथ उसने एक बड़ी दुर्घटना को अंजाम देने से बचा लिया था। बता दें कि डच को ईस्टर्न कमांड ने दो बार सम्मानित किया था।
सम्मानपूर्वक दी गई विदाई;-डच को पूरे सम्मान के साथ विदाई दी गई। आर्मी के डॉग्स सैनिकों की ही तरह देश की सेवा करते हैं। इसलिए उनकी मृत्यु के बाद उन्हें पूरे सम्मान के साथ विदाई दी जाती है।

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